बीजेपी ने एक साल में खर्च किए 1000 करोड़, TMC की कमाई में 3600% इजाफा

6 राजनीतिक दलों की कुल कमाई में 2410 करोड़ रुपये अकेले बीजेपी का है, जो सभी दलों की कुल कमाई का 65.16 फीसदी है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल के दौरान 6 राजनीतिक दलों (बीजेपी, कांग्रेस, सीपीएम, बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई) की कमाई में 2308.92 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. इसमें से 52 फीसदी यानी 1931.43 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए आए हैं.

देश की विकास दर भले ही धीमी गति से आगे बढ़ रही हो, लेकिन राजनीतिक दलों की कमाई में साल-दर साल बंपर बढ़ोतरी हो रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष (2018-19) के दौरान राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की कमाई में 166 फीसदी का इजाफा हुआ है और अब इन 6 दलों की कुल कमाई बढ़कर 3698 करोड़ रुपये पहुंच गई है. कुल कमाई के मामले में सबसे ऊपर बीजेपी है. हालांकि, एक साल के दौरान सबसे ज्यादा वृद्धि तृणमूल कांग्रेस की कमाई में हुई है.
6 राजनीतिक दलों की कुल कमाई 3698 करोड़ में से 2410 करोड़ रुपये अकेले बीजेपी का है, जो सभी दलों की कुल कमाई का 65.16 फीसदी है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्सस (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के बीच 6 राजनीतिक दलों (बीजेपी, कांग्रेस, सीपीएम, बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई) की कमाई में 2308.92 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. इसमें से 52 फीसदी यानी 1931.43 करोड़ रुपया इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए आया है.
किस पार्टी की कितनी कमाई
2014 से केंद्र में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी ने 2018-19 वित्तीय वर्ष के दौरान अपनी कुल आय 2410.08 करोड़ रुपये घोषित की है. इस रकम में से पार्टी ने 41.71 फीसदी यानी 1005.33 करोड़ रुपया खर्च किया है. बता दें कि यह चुनावी साल रहा है.
कांग्रेस को इस एक साल के दौरान 918.03 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जिसमें से पार्टी ने 51.19 फीसदी यानी 469.92 करोड़ रुपया खर्च किया है. ममता बनर्जी की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की बात की जाए तो उसे एक साल में 192.65 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जिसमें से पार्टी ने 11.50 करोड़ खर्च किया है, जो कमाई का 5.97 फीसदी है. सीपीएम ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान अपनी आय 100.96 करोड़ रुपये घोषित की है और उसने इसका 75 फीसदी से ज्यादा खर्च किया है, जो कि 76.15 करोड़ रुपये है. एक साल में इस हिसाब से बढ़ी दलों की आय.

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