लॉकडाउन से बंद चल रहा था कारोबार, उधार नहीं चुका पाया तो दे दी जान

 Business was going on due to lockdown, could not repay the loan, then gave life


गोरखपुर समाचार ब्यूरो 
गोरखपुर जिले के सहजनवां इलाके के बेलौरा निवासी शिवम पांडेय की रविवार को अपने घर में छत के कुंडे से लटकता शव मिला है।लॉकडाउन के कारण कारोबार बंद चल रही थी।  परिजनों का कहना है कि सूदखोरों के उत्पीडऩ से परेशान होकर उसने खुदकुशी की है। लॉकडाउन में कारोबार बंद होने से कर्ज में ली गई रकम का ब्याज नहीं चुका पा रहा था। इस लिए वह बहुत दबाव में आने से और ब्याज के लिए सूदखोर उस पर लगातार दबाव बनाए हुए थे और बार-बार धमकी दे रहे थे।

बेलौरा निवासी अजय पांडेय के इकलौते पुत्र शिवम जो  20 साल  पर ही परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठा ली थी। जीविकोपार्जन के लिए सहजनवां में उन्होंने मोबाइल फोन की दुकान खोल रखा था। कुछ माह पहले कर्ज लेकर दुकान का विस्तार किया था। कई लोगों से उन्होंने ब्याज पर कर्ज लिया था। कारोबार ठीक चल रहा था। समय से ब्याज भी चुकता कर रहे थे। इसी बीच कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन हो गया। दुकान बंद हो गई। आय का कोई  स्रोत नहीं हो रही थी, इसलिए सूदखोरों को वह ब्याज नहीं चुकता कर पा रहे थे।

मोबाइल फोन की दुकान खोलने के लिए लिया था कर्ज

पिता के जानकारी के अनुसार ब्याज के लिए सूदखोर लगातार दबाव बना रहे थे। साथ ही उसे धमकी भी दे रहे थे। रविवार की शाम को शिवम ने बाबा विभूति से ब्याज चुकाने के लिए 40 हजार रुपये मांगा था। बाबा ने असमर्थता व्यक्त कर दी। जिससे कुछ देर बाद ही वह कमरे में छत के कुंडे में रस्सी बांधकर वह फंदे से लटकते मिले। इसके बाद आनन-फानन उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसी मौके पर पहुंचे सीओ कैंपियरगंज दिनेश कुमार सिंह ने कहा है कि सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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