कोरोना हिट के कारण सरकारी प्रणाली बीमार, पूर्ण वेंटिलेटर के कारण रोगी गंभीर : Coronavirus in Gorakhpur



गोरखपुर
गोरखपुर में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमण से जूझ रहे गंभीर मरीजों के सामने इलाज का संकट खड़ा हो गया है। गोरखपुर में सभी सरकारी व निजी अस्पताल में वेंटिलेटर वाले बेड फुल हो चुके हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को कहीं जगह नहीं मिल पा रही है, वहीं होम आइसोलेट मरीजों का हाल लेने वाला कोई नहीं है। कोविड अस्पतालों में सामान्य मरीजों के लिए बेड उपलब्ध हैं, लेकिन जिन मरीजों की स्थिति गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत है ऐसे मरीजों के सामने इलाज का संकट खड़ा हो गया है।

स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से लाचार नजर आ रहा है। सारे दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज मेंं रोज कम से कम 4 से 5 गंभीर मरीज वापस लौटाए जा रहे हैं। यहां 150 बेड ऐसे हैं, जहां वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन सभी फुल हैं। टीबी अस्पताल में लेबल टू मरीजों के लिए 30 बेड में से 10 खाली है।

सरकारी अस्पतालों के अलावा प्रशासन की तरफ से जिन प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट जारी की गई है। उनमें सबसे बड़े पेनेशिया अस्पताल में कुल 90 बेड हैं जिनमें 22 वेंटिलेटर वाले हैं। 48 लेवल टू कोविड मरीजों के लिए, लेकिन यहां पर भी सारे बेड फुल हैं। वहीं बॉम्बे हॉस्पिटल की भी यही स्थिति है जहां 10 वेंटीलेटर है और 30 सामान्य बेड सभी फुल।

एसपी दक्षिण ने एसएसपी डाइन कुमार को अपनी जांच और रिपोर्ट में भी मामला पाया। प्रभारी नियंत्रण बिंदु सहित कर्मचारियों की लापरवाही के संपर्क में आने के बाद, एसएसपी कार्यों के निर्वहन में लापरवाही मानता है और सभी चौकी प्रभारी भगवत मिश्रा और शेफ रक्षी कुमार वर्मा, लक्ष्मण प्रसाद, सुनील कुमार, मुकेश खकर और सौवलाव मौरिया के खिलाफ निलंबित कर देता है। आदेश दिया गया है।

होम आइसोलेशन में मरीजों को नहीं मिल पा रही सुविधा
फातिमा हॉस्पिटल में लेबल टू के 54 बेड है पर एक भी खाली नहीं है। गर्ग हॉस्पिटल में लेबल टू के 40 बेड है, जिसमें 15 खाली हैं। सामान्य मरीजों के लिए तो बेड हैं, पर गंभीर और लेवल टू मरीजों के लिए बेड पूरी तरह फुल हो चुके हैं। वहीं अगर होम आइसोलेट मरीजों की बात करें तो ज्यादातर मरीजों के पास सरकारी सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। मरीजों का आरोप है ना तो वहां दवा पहुंच पा रही है और मेडिकल टीम से सिर्फ फोन पर ही बात हो पा रही है।

क्या बोल रहें हैं जिम्मेदार?
वहीं सीएमओ सुधाकर पांडे का कहना है कि इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है। इसे और सुदृढ़ किया जा रहा है, टीवी अस्पताल सहित अनेक निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर बढ़ाए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर और वेंटिलेटर मंगाए जाएंगे किसी को इलाज की दिक्कत नहीं होने पाएगी। शीघ्र ही कुछ और निजी अस्पतालों को इलाज की अनुमति दी जाएगी। ऑक्सीजन के लिए सीएमओ ने कहा कि ऑक्सीजन की कोई नहीं दिक्कत है,आपूर्ति पूरी है।

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